सड़कों पर दिख रहे इंसान कोरोना वायरस से इटली में मारे गए लोग हैं या यह है फर्जी खबर ! Men died on road in Italy fact check



क्या वाकई सड़कों पर दिख रहे इंसान कोरोना वायरस से इटली में मारे गए लोग हैं या यह भी है  फर्जी खबर

भारत में कोरोना वायरस जैसे जैसे गंभीर स्थिति में पहुंच रहा है वैसे वैसे सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक  खबरों की बाढ़ आ चुकी है। 
अभी हाल में एक फोटो वायरल हो रही है जिसमें बताया गया है कि इटली में सड़कों पर लाशें बिछ गयी हैं। 
उस खबर को विश्वसनीय बनाने के लिए इस तस्वीर का सहारा लिया जा रहा है। 
Img src _ Adobe stock 
 gkiweb.com ने इस तस्वीर की पड़ताल की और पाया कि यह तस्वीर 24 मार्च 2014 की है और काफी पुरानी तस्वीर है।

इस तस्वीर की सच्चाई यह है कि सड़क पर दिख रही इंसानों की लाशें नहीं बल्कि यह उस समय एक तस्वीर /कला के लिए ली गयी कलात्मक कृति थी।। 
2014 में जब यह तस्वीर जर्मनी के फ्रेंकपर्ट शहर में ली गयी जब  वहां गुजर रहे पैदल यात्रियों को लेटने के लिये कहा गया और उस समय जो जहां था वहीं लेट गया  और एक काल्पनिक तस्वीर तैयार की गयी। 

यह तस्वीर उन 528 पीडितों की याद में ली गयी जब   सन् 2014 फ्रैंकपर्ट के  नाजी एकाग्रता शिविर  के 528 लोग जो 24 मार्च 1945 को औद्योगिक कारखाने का हिस्सा थे और  सन् 1945 में मारे गए थे।

उनकी याद में एक कला या उसकी कला का प्रदर्शन करने के लिए फिल्माई गयी थी। 

जो तस्वीर आजकल वायरल हो रही है और कहा जा रहा कि यह इटली में कोरोना वायरस के कारण सड़कों पर बिछी लाशें हैं तो हम आपको बता दें यह तस्वीर फर्जी है और तस्वीर में दिख रहे लोग सिर्फ लेटने की एक्टिंग कर रहे हैं। 

हालांकि इटली में लोग कोरोना वायरस से काफी संख्या में मर रहे हैं लेकिन यह जो तस्वीर सड़कों पर लाशें बिछने जैसी दिखाकर वायरल की जा रही है वो पूर्णतया फर्जी है और यह तस्वीर सन् 2014 की है। 






आप कोरोना से अपना बचाव करें और फर्जी खबरों से पैनिक होनेेेे के बजाय खुद को आइसोलेट या एकांत में रखें और सकारात्मक रहें  ।
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